Saturday, December 28, 2019
Saturday, July 15, 2017
धान की खेती में उर्वरक देने का समय।
Photo Source - Wikipedia
धान की खेती का महत्त्वपूर्ण बिंदु -
उर्वरक देने का समय –
नाइट्रोजन की आधी मात्रा तथा फास्फोरस व पोटाश की पूरी मात्रा आधार खाद के रूप में बोनी/रोपाई के पूर्व खेत तैयार करते समय अथवा कीचड़ मचाते समय भुरककर मिट्टी में मिलायें शेष नत्रजन की 1/4 मात्रा कंसे फूटने की अवस्था में (रोपाई के 20 दिन बाद) तथा 1/4 मात्रा गभोट की अवस्था में देना चाहिए। जस्ते की कमी वाले क्षेत्रों में खेत की तैयारी करते समय (बोनी पूर्व) जिंक सल्फेट 25 किलो/ हेक्टेयर की दर से 3 साल में एक बार प्रयोग करें या प्रत्येक एक साल के अंतराल में 10 किलोग्राम। गंधक की कमी वाले क्षेत्रों में गंधक युक्त उर्वरकों (जैसे सिंगल सुपर फास्फेट आदि) का प्रयोग करें।
धान की खेती का महत्त्वपूर्ण बिंदु -
उर्वरक देने का समय –
नाइट्रोजन की आधी मात्रा तथा फास्फोरस व पोटाश की पूरी मात्रा आधार खाद के रूप में बोनी/रोपाई के पूर्व खेत तैयार करते समय अथवा कीचड़ मचाते समय भुरककर मिट्टी में मिलायें शेष नत्रजन की 1/4 मात्रा कंसे फूटने की अवस्था में (रोपाई के 20 दिन बाद) तथा 1/4 मात्रा गभोट की अवस्था में देना चाहिए। जस्ते की कमी वाले क्षेत्रों में खेत की तैयारी करते समय (बोनी पूर्व) जिंक सल्फेट 25 किलो/ हेक्टेयर की दर से 3 साल में एक बार प्रयोग करें या प्रत्येक एक साल के अंतराल में 10 किलोग्राम। गंधक की कमी वाले क्षेत्रों में गंधक युक्त उर्वरकों (जैसे सिंगल सुपर फास्फेट आदि) का प्रयोग करें।

